आसमान छूने को तैयार नन्हें परिंदों में लग रहे पंख

नन्हें परिंदे योजना के तहत स्लम में रहने वाले 1450 बच्चों को दी जा रही शिक्षाअब शहर के 16 प्वाइंट पर चल रही योजना, चार वैन से हर दिन आठ स्थानों पर दी जा रही शिक्षा

कमिश्नरेट पुलिस व चेतना एनजीओ चला रहा शिक्षा व महिला सशक्तिकरण अभियान
नोएडा। स्लम एरिया में रहने वाले बच्चे नन्हें परिंदे बनकर आसमान छूने के लिए तैयार हो रहे हैं। एक साल के अंदर अब इस योजना के तहत स्लम में रहने वाले 1450 से अधिक बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। यह योजना का उदेश्य वंचित वर्ग के बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिक्षा देना है। गौतमबुद्घनगर कमिश्नरेट पुलिस व चेतना एनजीओ के तत्वावधान में शहर के 16 स्थानों पर शिक्षा व महिला सशक्तिकरण अभियान चल रहा है। मोबाइल वैन के माध्यम से बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें पढ़ाई के साथ साथ पौष्टिïक आहार से लेकर संस्कार की शिक्षा दी जा रही है।

गौतमबुद्घनगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने चेतना एनजीओ के साथ मिलकर नन्हें परिंदे अभियान की शुरुआत फरवरी 2021 में की थी। इस योजना का मुख्य उदेश्य गौतमबुद्घनगर जनपद में मोबाइल शिक्षा वैन संचालित कर गरीब व वंचित बच्चों को शिक्षा से जोडऩा और उन्हेंपढऩे के लिए सुरक्षित स्थान प्रदान करना था। जिससे ये वंचित वर्ग के बच्चे सड़कों की जगह स्कूलों में जाएं और इससे बाल अपराधों में कमी आए। शुरुआत में इस योजना में एक मोबाइल वैन चलाई जा रही थी। एक साल के अंदर अब चार मोबाइल वैन चलाई जा रही है।

पहले छह स्थानों पर पढ़ाने का काम हो रहा था। अब 16 स्थानों पर शिक्षा दी जा रही है। इस वैन को महिला चालक चलाती हैं और महिला शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाती हैं। इसके पीछे महिला सशक्तिकरण का भी एक उदेश्य है। आगे आने वाले दिनों में कुछ और भी मोबाइल वैन चलाई जाएगी। वर्तमान में यह मोबाइल वैन सेवा सेक्टर-18, सेक्टर-52, सेक्टर-126, बॉटेनिकल गार्डेन, सेक्टर-37, हौराला, 70, 62, चेरी काउंटर, चार मूर्ति, हबीबपुर, भगत मार्केट, सेक्टर-76, 78, 81 व 101 के पास बच्चों को शिक्षित करने का काम करती है। यह वैन प्रति दिन दो स्थानों पर सुबह 11 से डेढ़ बजे और दो बजे से पांच बजे जाती है। इस तरह चार मोबाइल वैन प्रतिदिन आठ सेंटर पर पहुंचती है।

संस्कार से लेकर सेल्फ डिफेंस का ज्ञान

नन्हें परिंदे योजना का मुख्य उदेश्य वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षित कर मुख्य धारा से जोडऩा है। ऐसा देखा जाता रहा है कि स्लम में रहने वाले बच्चे कम उम्र से ही नशा से लेकर अपराध की दुनिया में चले जाते हैं। इस कारण ऐसे बच्चों को इन सेंटरों पर पढ़ाई के साथ साथ संस्कार, खेल कूद, आर्ट एंड कल्चर, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान, सेल्फ डिफेंस, जेंडर व अन्य विषयों की भी जानकारी दी जा रही है। बच्चों के डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था के लिए मोबाइल वैन में एलईडी टीवी और साउंड सिस्टम भी लगाया गया है। सभी चार सेंटर पर पढऩे वाले बच्चों का मेडिकल परीक्षण भी कराया जाता है।

नन्हें परिंदे योजना के तहत तेजी से स्लम के बच्चों को जोड़कर शिक्षित किया जा रहा है। अब नोएडा में 16 सेंटरों पर 1450 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चों को शिक्षा, संस्कार के साथ साथ पुलिस हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इस योजना से बाल अपराध में कमी आएगी।
रजनीश वर्मा, एसीपी व नोडल अधिकारी, नन्हें परिंदे।