Bhupesh Bhaghel
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छत्तीसगढ़ सरकार ने लगाई मीसा बंदी स्वतंत्रता सेनानी पेंशन पर रोक, पहले होगा सत्यापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने मीसा बंदी स्वतंत्रता सेनानी पेंशन पर रोक लगा दी है। रमन सरकार ने मीसा बंदियों को लोकतंत्र सेनानी मानते हुए पेंशन देने की व्यवस्था शुरू की थी। बघेल सरकार ने सत्यापन होने तक सम्मान निधि की रकम पर रोक लगा दी है। पेंशन पर फरवरी से रोक लागू की गई है। सीएम बघेल का मामले में कहना है कि मीसा बंदी स्वतंत्रा सेनानी नहीं हैं, ऐसे में उन्हें पेंशन क्यों दी जाए।

उन्होंने कहा कि लोक नायक जयप्रकाश नारायण सम्मान निधि, 2008 के तहत लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली राशि की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसलिए यह फैसला लिया गया है। सम्मान निधि का लाभ पाने वालों का बाकायदा भौतिक सत्यापन होगा, सत्यापन के बाद ही लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान निधि की राशि मिलेगी।

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वहीं बघेल सरकार के इस फैसले पर लोकतंत्र सेनानी संघ ने सवाल खड़े कर दिए हैं। संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपास का कहना है कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उनका कहना है कि सत्यापन के लिए इसे बंद करना जरूरी नहीं है, क्योंकि बंद किए बिना भी सत्यापन हो सकता है। गौर हो कि 2008 से छत्तीसगढ़ में मीसा बंदियों को पेंशन मिल रही है, तीन महीने जेल में रहे लोगों को 10 हजार, 3-6 महीने तक जेल में रहे लोगों को 15 हजार और 6 महीने से ज्यादा जेल में रहे लोगों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि राशि दी जाती है।

रिपोर्ट: अमित सिंह

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