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लोकसभा चुनाव के खर्च का हिसाब न देने पर मुसीबत में फंस सकते हैं प्रमुख पार्टियों के ये 16 दिग्गज

लखनऊ। लोकसभा चुनाव की जंग में लखनऊ व मोहनलालगंज सीट से जुटे सभी प्रमुख पार्टियों सहित 16 प्रत्याशियों ने अभी तक चुनावी खर्च के हिसाब किताब का विवरण आय व्यय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया है। चुनावी खर्च का अंतिम ब्योरा प्रस्तुत न करने वाले प्रत्याशियों में लखनऊ सीट से सांसद राजनाथ सिंह, सपा की पूनम शत्रुघ्न सिन्हा व कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ ही मोहनलालगंज सीट के प्रत्याशी व निर्वाचित सांसद कौशल किशोर, कांग्रेस के आरके चौधरी व बसपा के सीएल वर्मा प्रमुख तौर पर शामिल हैं।
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले लखनऊ व मोहनलालगंज सीट के सभी प्रत्याशियों को आयोग के निर्देश पर गठित आय व्यय कमेटी के समक्ष 19 तक चुनावी खर्च का लेखा जोखा प्रस्तुत करना था। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि आय व्यय रजिस्टर पर दर्ज चुनावी खर्च का हिसाब किताब न देने वाले दोनों सीटों के सभी 16 प्रत्याशियों को 22 जून तक खर्च विवरण प्रस्तुत करने की मोहलत दी गयी है।
तय मियाद बाद भी खर्च विवरण प्रस्तुत न करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ जिला निर्वाचन कार्यालय नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू करेगा।आयोग द्वारा निर्धारित खर्च रजिस्टर के माध्यम से प्रत्याशी अथवा नामित एजेंट को तय मियाद में चुनावी खर्च का पूरा विवरण देने को निर्देशित किया गया था। इसके लिए खर्च रजिस्टर में दर्ज किए जाने के तौर तरीके सिखाने को 11 जून को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रत्याशी व नामित एजेंटों की बैठक भी हुई थी।
आय व्यय कमेटी से जुड़े अधिकारी ने बताया कि आयोग स्तर से नामित पर्यवेक्षकों के समक्ष अभी तक लखनऊ सीट से चुनाव मैदान में मौजूद 15 प्रत्याशियों में से अमर कुमार रायजादा, गनेश चौधरी, देव नारायण सिंह, रमेश, राम सागर पाल, शमीम खान, अविनाश चंद्र जैन, जिमीदार सिंह यादव और संजय सिंह राना ने ही चुनावी हिसाब किताब प्रस्तुत किया है जबकि सांसद निर्वाचित हुए भाजपा के राजनाथ सिंह, सपा की पूनम शत्रुघ्न सिन्हा, कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम सहित कपिल मोहन चौधरी, गिरीश नारायण पांडेय व मो. फहीम ने अभी तक चुनावी खर्च का विवरण कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया है।
इसी तरह मोहनलालगंज सीट के 12 प्रत्याशियों में सिर्फ जगदीश रावत और प्रभावती देवी ने ही खर्च विवरण प्रस्तुत किया है जबकि निर्वाचित सांसद भाजपा के कौशल किशोर, आरके चौधरी, सीएल वर्मा, गनेश रावत, जगदीश प्रसाद गौतम, राधा अंबेडकर, राम सागर पासी शत्रोहन लाल रावत, सुशील कुमार, और रमेश कुमार भी अभी तक आय व्यय रजिस्टर के माध्यम से चुनावी प्रचार प्रसार से जुड़े पूरे खर्च का विवरणदस्तावेजों व खर्च रसीद के साथ देने में पीछे बने हैं।
समयावधि में दिए जाने का पूरा मौका देने के बाद भी डिफाल्टर रहने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के तहत लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभा व विधान परिषद से जुड़े किसी भी चुनाव में तीन साल तक हिस्सेदारी करने पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट: अमित सिंह

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