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कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भ्रमित ना करें मुंजारे दंपत्ति, मंत्री गौरी शंकर भी भ्रमक प्रचार बंद करें: बिसेन

बालाघाट। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विशाल बिसेन ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि मैं बालाघाट विधानसभा से कांग्रेस को मजबूत करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा हूं।

मुझे इलाके के कार्यकर्ताओं से जानकारी मिली है कि मुंजारे दम्पत्ति जो हर चुनाव लड़ते हैं और हारते हैं, उनके द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि उनको कांग्रेस पार्टी की टिकट मिलने जा रही है।

कांग्रेस में ऐसी कोई बात नहीं है ना ही इस पर कोई विचार विमर्श किया जा रहा है। मुझे जानकारी मिली है कि इस दंपत्ति पर दर्जनों अपराध दर्ज हैं, उनके जीवन में कभी भी कांग्रेस विचारधारा से कोई सरोकार नहीं है।

कंकर मुंजारे हिंसा समर्थक और कौशलवादी रहे हैं, कांग्रेस की गांधीवादी ने विचारधारा के हमेशा विरोधी रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस का प्रत्याशी वही व्यक्ति हो सकता है जो कम से कम पांच वर्षों से कांग्रेस का सदस्य हो।

जो कांग्रेसी विचारधारा को लेकर जनता के बीच निरंतर काम कर रहा हो। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने वाले व्यक्ति का अपराधिक रिकार्ड भी जांचा परखा जाना चाहिए।

गठबंधन की प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस के स्पष्ट निर्देश हैं जिसके तहत अखिल भारतीय स्तर पर राहुल गांधी की अध्यक्षता में एक समिति बना दी गई है।

देश के सभी राज्यों में वहां के समीकरणों को देखते हुए वहां के सक्रिय कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं की मंशानुरूप फैसला लेगी।

कंकर मुंजारे इस समय सजायाप्ता हैं और जमानत पर घूम रहे हैं। साथ ही मुंजारे भी वर्तमान में दर्जनों मामलों में जमानत पर है। यह आदतन अपराधी हैं कांग्रेस ऐसे अपराधियों को सिरे से खारिज करती है।

यह सभी जानते हैं कि 2013 में बालाघाट विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी रहे। पूर्व जनपद अध्यक्ष उम्मेद लिल्हारे के बड़े भाई सरपंच स्व. महिपाल लिल्हारे के हत्या में भी कंकर मुंजारे का हाथ था।

हत्याकांड में शामिल दोषियों को कंकर के संरक्षण के कारण पुलिस 12 वर्षों तक अपनी अभिरक्षा में नहीं ले पाई थी। विधायक और सांसद रहते हुए कंकर मुंजारे की तरफ से परसवाड़ा विधानसभा और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में कोई भी रचनात्मक काम या विकास नहीं कराया गया।

कंकर मुंजारे के विधायकी के समय सबसे ज्यादा नक्सली गतिविधियां हुई। जब कंकर मुंजारे परसवाड़ा के विधायक थे उस कार्यकाल में बालाघाट जिले में सबसे ज्यादा नक्सली वारदातें हुई।

जिसमें कांग्रेस के पूर्व मंत्री लिखिराम कावरे के हत्या जैसा जघन्य घटनाक्रम भी घटित हुआ। जैसे ही कंकर मुंजारे चुनाव हारे नक्सलिय गतिविधियां अपने आप कम हो गई।

कंकर और अनुभा मुंजारे ने हमेशा कांग्रेस को कमजोर करने का काम किया। कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे स्व. तेजलाल टेंभरे, नंदकिशोर शर्मा जैसे गांधीवादी और जनप्रिय नेताओं को इनके द्वारा झूठी अफवाहे फैलाकर हराया गया।

मुंजारे दम्पत्ति कभी भी कांग्रेस के लिए किसी भी स्तर पर फायदेमंद साबित नहीं होंगे। कंकर अपने पुराने मित्र गौरीशंकर बिसेन से दलाली करके कांग्रेस के मूल वोटों को काटने का काम करता रहा है।

इसकी दलाली का सबूत यह है कि कंकर कभी भी गौरीशंकर के मुकाबले बालाघाट विधानसभा कभी नहीं लड़े हैं। इनकी कांग्रेस विरोधी सोच इस बात से साबित होती है कि लिखिराम कावरे के सहादत के पश्चात हुए किरनापुर उपचुनाव में जब पूरा विधानसभा क्षेत्र और पूरा जिला प्रदेश शोक में था।

उस समय भी अनुभा मुंजारे ने शोक लहर को दरकिनार करते हुए कांग्रेस को कमजोर करने की नियत से चुनाव लड़ा था।
इसी तरीके से लांजी उपचुनाव में भी कंकर मुंजारे माहौल खराब करने के लिए लांजी गए थे, मात्र 836 वोट लेकर अपनी जमानत जप्त करवाई और चुनाव माहौल बिगाड़ा।

कांग्रेस प्रत्याशी भागवत भाई को हार का सामना करना पड़ा। इस दम्पत्ति ने चुनाव लड़ने को अपना व्यापार बना लिया है। यह नगरपालिका, विधानसभा, लोकसभा, उपचुनाव सभी चुनाव लड़ते हैं। आदतन अपराधी और ब्लेकमेलर है।

मुंजारे दंपति के भ्रामक प्रचारों की वजह से कांग्रेस को काफी नुकसान झेलना पड़ता है, ऐसी स्थिति में कोई भी निष्ठावान कांग्रेसी इन्हें स्वीकार नहीं करता है।

हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के बालाघाट आगमन के दौरान समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुंजारे दम्पत्ति को कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी या गठबंधन प्रत्याशी बनाया गया तो पूरी कांग्रेस पार्टी इसका सामूहिक रूप से विरोध करेगी।

वजूदहीन हो चुके मुंजारे दम्पत्ति कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इलाके की जनता के बीच भ्रम फैलाकर अपना वजूद बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि इनके पास पूरे जिले में 100 कार्यकर्ता भी नहीं है।

मुंजारे दम्पत्ति एक दर्जन से अधिक पार्टियों जैसे जनता पार्टी, जनता दल, समाजवादी पार्टी, समानता दल, समता पार्टी, शिवसेना, लोकजनशक्ति पार्टी, समाजवादी क्रांतिकारी पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, निर्दलीय और न जाने कितनी भूली बिछड़ी पार्टियों से चुनाव लड़ चुके है।

इसके बाद भी अपना कोई राजनीतिक वजूद नहीं बचा पाए और अब कांग्रेस की टिकट पाने का झूठा भ्रम फैला रहे हैं। जब ये पुरानी किसी पार्टी के सगे नहीं हुए तो कांग्रेस के क्या सगे हो पायेंगे।
मंत्री बिसेन अपनी करतूतों से बाहर जायें नहीं तो अपमानित होने रहे तैयार

कांग्रेस प्रवक्ता विशाल बिसेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन पर आरोप लगाया कि वह पद का दुरुपयोग करते हुए अधिकारियों पर दवाब डालते हैं।

ऐसा करना बंद कर दें और मुझे भी बदनाम करने के लिए जो मुझे अपना भतीजा बताकर भ्रामक प्रचार किया जाता रहा है उसे भी तुरंत रोक दें।

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ऐसा कहना बंद नहीं किया तो वह जूते और चप्पलों की माला पहनने के लिए तैयार रहे। उन्होंने मंत्री बिसेन पर जमकर भड़ास निकाली।

रिपोर्ट- रितेश सोनी

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