Up election 2022
उत्तर प्रदेश चुनाव

UP Election 2022: कौन है केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल, जो लड़ेंगे अखिलेश के खिलाफ चुनाव

आगरा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) की तैयारियों जोरों पर हैं। पहले चरण के मतदान 10 फरवरी को होंगे। इसको लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रखी है। वहीं, दूसरी और तीसरे चरण को लेकर नामांकन प्रक्रिया जारी है। तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी को होगा।

इसी क्रम में सोमवार को करहल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने पर्चा दाखिल किया। सैफई से सटे करहल को समाजवादी पार्टी के लिए सबसे सुरक्षित सीट माना जाता है। वहीं, अखिलेश यादव के नामांकन के कुछ देर बाद ही मैनपुरी में मोदी सरकार के मंत्री और आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल (Professor SP Singh Baghel) ने भी पर्चा दाखिल कर सबको चौंका दिया।

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केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल द्वारा भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर नामांकन दाखिल करते ही सभी कयासों पर विराम लग गया। पहले यह चर्चा चल रही थी कि मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू अपर्णा इस सीट से पर्चा दाखिल कर सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल अखिलेश यादव के खिलाफ करहल विधानसभा सीट से मैदान में हैं।

कौन है प्रो. एसपी सिंह बघेल
सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल यूपी के औरैया जिले के भटपुरा के रहने वाले हैं। एसपी सिंह बघेल ने कानून में स्नातक, विज्ञान में परास्नातक डिग्री के साथ डॉक्टरेट भी किया है। यूपी पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात रहे एसपी सिंह बघेल 1989 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए थे।

मुलायम सिंह यादव बघेल से काफी प्रभावित हुए। मुलायम ने उन्हें जलेसर सीट से सपा के उम्मीदवार के तौर पर 1998 में पहली बार चुनाव मैदान में उतारा। सपा के टिकट पर एसपी सिंह बघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। उसके बाद बघेल दो बार सांसद चुने गए। 2010 में सपा का साथ छोड़ दिया तो बसपा ने उन्हें राज्यसभा में एंट्री कराई।

साथ ही राष्ट्रीय महासचिव भी नियुक्ति किए। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े, लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा। 2014 में मिली हार के बाद एसपी सिंह बघेल ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें पिछड़ा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।

2017 के विधानसभा चुनाव में टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा ने टिकट दिया, बघेल फिर से विधायक बने। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी टीम में शामिल करते हुए पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य विभाग की जिम्मेदारी दी।

2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आगरा लोकसभा क्षेत्र से उन्हें चुनाव मैदान में उतारा। यहां से भी प्रो. एसपी सिंह बघेल ने शानदार प्रदर्शन कर जीत हासिल की। बघेल अब केंद्रीय कैबिनेट में राज्यमंत्री हैं।

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