पुलिस चालान से बचाव तथा रौब वाले कार्ड की हो रही आॅनलाइन अवैध बिक्री
इंडिया न्यूज़

पुलिस चालान से बचाव तथा रौब वाले कार्ड की हो रही online अवैध बिक्री

यातायात नियमों के उल्लंघन या गाड़ी के वैध दस्तावेज नहीं होने पर चालान से बचने से लेकर सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रेस-मीडिया प्रतिनिधि के आईकार्ड का इस्तेमाल होता है। इसे रौब के तौर पर इस्तेमाल करने वाले से निपटने के लिए पुलिस सख्ती का दावा तो करती है लेकिन कार्रवाई नहीं कर पाती है। देश के कई हिस्सों में ठग मीडिया के इस पावर को प्रति कार्ड चार हजार रुपए तक बेचकर धंधा कर रहे हैं। दिल्ली की क्राइम सर्विलांस इंटेलिजेंस काउंसिल (CSIC) के एजेंट्स 3999 रुपए में “मीडिया का पावर” बेच रहे हैं। ठगी का ये खेल इन दिनों सोशल मीडिया पर खुलेआम चल रहा है। एजेंट्स का दावा है कि काउंसिल करप्शन और क्राइम के खिलाफ आवाज उठाने का काम करती है। संस्था को भारत सरकार में रजिस्टर्ड बताते हुए एजेंट्स CSIC, ह्यूमन राइट काउंसिल के आई कार्ड और कार-बाइक के लिए प्रेस स्टीकर भी बेच रहे हैं।

मेंबरशिप का पैसा लिया जाता है
डीबी स्टार ने ऑनलाइन नजर आ रहे सैकड़ों कार्ड पर दर्ज एक मोबाइल पर कॉल किया। जो नंबर लगा वह दिल्ली के एजेंट रोहित चौधरी का निकला। खुद को काउंसिल में चीफ मैनेजर बता रहे रोहित ने डीबी स्टार को बताया कि CSIC द्वारा किसी भी तरह के प्रेस कार्ड को नहीं बेचा जा रहा है। मेंबरशिप के लिए राशि जमा की जाती है।

किसी भी डिपार्टमेंट में कार्ड दिखाएं, आपका काम नहीं रुकेगा
जी नमस्कार, प्रिया बात कर रही हूं क्राइम सर्विलांस इंटेलिजेंस काउंसिल से। आपने वॉट्सएप पर मैसेज किया है प्रेस मीडिया मेंबरशिप के लिए। उसी के लिए आपको कॉल किया है। पहले मैं आपको हमारे द्वारा दिए जाने वाले कार्ड के बेनिफिट्स समझा देती हूं। किस-किस जगह इन्हें आप यूज कर सकते हैं। देखिए, क्राइम सर्विलांस इंटेलिजेंस काउंसिल एक नेशनल लेवल की ऑर्गेनाइजेशन है। जो पूरे भारत में ह्यूमन सेफ्टी, ह्यूमन राइट्स और न्यूज के लिए काम करती है। हम आपको लीगली सपोर्ट प्रोवाइड करते हैं।

कार्रवाई करेंगे
अगर कोई सोशल मीडिया पर कोई झांसा दे रहा है तो वह गलत है, अगर इसकी जानकारी आएगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग के दौरान वाहनों के कागज चेक किए जाते हैं। फिर वह किसी पुलिस अधिकारी का वाहन हो या किसी आम व्यक्ति का, कानून सभी के लिए एक है।

  • डी श्रीनिवास वर्मा, एडीजी, ग्वालियर
    सुरक्षा एजेंसियों की तरह बनाया लोगो

काउंसिल द्वारा ID कार्ड पर जारी संस्था का लोगो पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों जैसा प्रतीत होता है। इतना ही नहीं पीछे पुलिस द्वारा उपयोग किया जाने वाला लाल-नीला रंग भी प्रयोग किया गया है। इनके लोगो की बनावट तो पुलिस के नए लोगो जैसी ही है। जिसे देखकर कोई भी सही-गलत का अंतर लगाने का सोचता भी नहीं है।
दावा ऐसा… वॉट्सएप पर सॉफ्ट कॉपी और बाद में घर पहुंचेगा प्रेस कार्ड
नया पैंतरा… सोशल मीडिया पर क्राइम सर्विलांस इंटेलिजेंस काउंसिल के एजेंट दे रहे मीडिया कार्ड का ऑफर

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