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बाजार खुलते ही बढ़ी कर्ज की मांग, बैंकों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी

कोविड महामारी के बाद बिजनेस एक्टिविटी बहाल होने और बाजार खुलने के साथ ही लोगों ने कर्ज लेकर खूब खर्च किया। इससे मांग बढ़ी और अर्थव्यवस्था ने खोई हुई रफ्तार हासिल कर ली। ब्याज दरें निचले स्तर पर रहने के चलते बीते वित्त वर्ष के आखिरी महीने देश में क्रेडिट ग्रोथ तेज रफ्तार से बढ़ी।

रिसर्च फर्म केयरएज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में रिटेल (पर्सनल) लोन की ग्रोथ सालाना आधार पर 10.7% से बढ़कर 12.4% हो गई। इस दौरान नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ तो दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। मार्च 2021 में जहां इस सेगमेंट की क्रेडिट ग्रोथ 4.5% थी, वहीं मार्च 2022 में यह बढ़कर 9.7% हो गई। इसके चलते बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ दोगुनी से ज्यादा 9.6% हो गई। नतीजतन बैंकों का प्रदर्शन सुधर गया। मार्च में सरकारी बैंकों का मुनाफा सालाना आधार पर 80% और प्राइवेट बैंकों का 87% बढ़ गया।

केवल मार्च में ही नहीं, बल्कि जनवरी-मार्च तिमाही में भी सरकारी बैंकों का मुनाफा 86.5% बढ़कर 18,088 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान प्राइवेट बैंकों का मुनाफा 90% उछाल के साथ 30,439 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया।

ऐसे सुधरा बैंकों का शुद्ध मुनाफा
अवधि सरकारी प्राइवेट
चौथी तिमाही-20 -8,000 5,000
चौथी तिमाही-21 10,000 16,000
चौथी तिमाही-22 18,088 30,439
(आंकड़े करोड़ रुपए में)

इंडस्ट्री में क्रेडिट ग्रोथ पॉजिटिव हुई
10.7%
दो साल में घटता गया नेट एनपीए
मार्च 2022
अवधि सरकारी प्राइवेट
चौथी तिमाही-20 10.8% 7.3%
चौथी तिमाही-21 9.1% 5.1%
चौथी तिमाही-22 7.3% 4.1%
Analysis
मार्च 2021
इंडस्ट्री
सर्विसेज
7.1%
-0.4%
8.9%
3.0%
12.4%
पर्सनल लोन

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