Jitendra Narayan Singh Tyagi
इंडिया न्यूज़ उत्तराखंड

Wasim Rizvi: जितेंद्र नारायण उर्फ वसीम रिजवी को बड़ा झटका, अभी जेल में रहना होगा

देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार (Haridwar) में धर्मसंसद (dharm sansad) में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल भेजे गए जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी (Jitendra Narayan Singh Tyagi Wasim Rizvi) को एक और झटका लगा है। जितेंद्र नारायण त्यागी की जमानत याचिका सीजेएम हरिद्वार की अदालत ने खारिज कर दी है। जितेंद्र नारायण त्यागी के वकील अब सत्र न्यायालय में अपील करेंगे।

हरिद्वार नगर कोतवाली इलाके के उत्तरी हरिद्वार खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक आयोजित हुई धर्मसंसद में जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी ने भड़काऊ भाषण दिया था। जिसके बाद जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में वसीम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया था। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी को जिला जेल में विशेष बैरक में रखा गया है।

आपको बता दें कि जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को हरिद्वार पुलिस ने गुरुवार को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की नारसन सीमा से गिरफ्तार किया था। शहर कोतवाली में पुलिस ने वसीम रिजवी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था, यहां से उसे जेल भेज दिया गया। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद भी रिजवी के साथ थे और मामले में आरोपी हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। यति नरसिंहानंद जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की गिरफ्तारी के विरोध में अनशन पर बैठे हैं। शनिवार को भी अनशन जारी है। यति नरसिंहानंद का कहना है कि जितेंद्र नारायण के रिहा होने तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे।

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गौरतलब है कि 17 से 19 दिसंबर तक उत्तरी हरिद्वार के खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में धर्म संसद का आयोजन किया गया था। इसमें वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी ने भड़काऊ भाषण दिया था। भड़काऊ भाषण का वीडियो भी वायरल हुआ थआ। इसके बाद ज्वालापुर निवासी गुलबहार खां की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को नोटिस भी भेजा था। मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हुई थी। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस भेजकर दस दिन के अंदर जवाब मांगा था।

रिपोर्ट: अमित सिंह

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