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चीन के साथ जनरल लेवल की मींटिग, राजनाथ सिंह अमेरिका के रक्षा मंत्री से बातचीत करेंगे

लद्दाख। भारत- चीन सीमा चले रहे विवाद को सुलझाने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच हालात जस के तस बने हुए है. जानकारी के मुताबिक आज लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की तीसरे राउंड की वार्ता में शामिल होंगे. वहीं, भारत की ओर से साथ ही 14 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह शामिल होना तय माना जा रहा है. बता दें कि यह मीटिंग लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चुशूल सेक्टर में भारतीय इलाके में आयोजित की गई है. इसमें पूर्वी लद्दाख की विवाद वाली जगहों से सैनिक हटाने की प्रकिया तय करे पर बात होगी. न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.

दोनों देशों के बीच लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की इस महीने तीसरी मीटिंग होने जा रही है. इससे पहले भी 15 जून को गलवान में हुई झड़प के बाद दूसरी मीटिंग की गई थी,जिसके बाद कोई स्थाई हल नहीं निकल सका. हालांकि, पिछली 2 बैठकों में भी तनाव कम करने और विवादित इलाकों से सैनिक हटाने पर चर्चा हुई थी, लेकिन दोनों के बीच सीमा पर तनाव कम नहीं हुआ है.

पूर्वी लद्दाख के देपसांग में भी घुसा चीन
जहां एक तरफ चीन भारत के साथ बातचीत करने के लिए हाथ बढ़ा रहा है. वहीं दूसरी ओर घुसपैठ करने से बिल्कुल भी बाज नहीं आ रहा है। पिछले हफ्ते रिपोर्ट आई कि- चीनी सेना ने देपसांग में एलएसी से 18 किमी अंदर भारतीय इलाके में घुसपैठ की। सैटेलाइट इमेज के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि चीन की सेना भारतीय सीमा में उस जगह के करीब घुस आई, जिसे बॉटलनेक कहा जाता है। यह इलाका रैकी नाला और जीवान नाला नाम से जाना जाता है। इसी इलाके में 2013-14 में भारत और चीन आमने-सामने हुए थे।

राजनाथ सिंह अमेरिकी रक्षा मंत्री से बात करेंगे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर मार्क एस्पर से फोन पर बात करेंगे। इस बातचीत में चीन के मुद्दे पर चर्चा होने के भी आसार हैं।

15 जून को झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे
भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले 7 हफ्ते से तनाव की स्थिति है। इस बीच 15 जून को गलवान वैली में दोनों देशों के सैनिकों में हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चीन के भी 40 सैनिक मारे जाने की रिपोर्ट थी, हालांकि उसने यह कबूला नहीं।

भारत ने लद्दाख में सैनिक बढ़ाए, लड़ाकू विमान भी तैनात
गलवान की घटना के बाद मोदी सरकार ने सेना को फ्री हैंड देने का ऐलान कर दिया था। पिछले 2 हफ्ते में आर्मी ने हजारों जवानों को लद्दाख बॉर्डर पर भेजा है। एयरफोर्स ने भी एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। आर्मी और एयरफोर्स ने पिछले हफ्ते लेह में जॉइंट एक्सरसाइज की। इसमें सुखोई और चिनूक हेलिकॉप्टर जैसे लड़ाकू और ट्रांसपोर्टेशन विमान शामिल हुए। इसका मकसद दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना था। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि गलवान की घटना के लिए पूरी तरह चीन जिम्मेदार है।

रिपोर्ट- तंजीम राना

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