मध्य प्रदेश

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट कांड: घायलों को आज तक नहीं मिला न्याय, चक्कर काटने को मजबूर

बालाघाट। कोतवाली थाना इलाके के खैरी गांव में पिछले साल 7 जून को हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट कांड को एक साल से ज्यादा समय बीत गया है। अभी तक घायलों को उचित मुआवजा नहीं मिला है। नौकरी पाने की आस में विस्फोट कांड में बची सोनिया कटियार ने मानव अधिकार आयोग से न्याय की गुहार लगाई है।

दरअसल पिछले साल हुए खैरी पटाखा फैक्ट्री में हुए भयंकर विस्फोट में घायल हुई सोनिया कटियार मुआवजा और नौकरी पाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

जिसके बाद उसने मानव अधिकार आयोग के आयोग मित्र फिरोजा खान से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। सोनिया का कहना है कि परिवार में वह और उसकी मां है. अपनी मां का सहारा वही हैं।

फैक्ट्री में काम करके जो पैसा मिलता था उससे वह घर चलाती थी, लेकिन अब वह भी सहारा छिन गया। जिससे वह परिवार को पाल नहीं पा रही है। पीड़िता ने प्रशासन से कई बार नौकरी देने की बात कही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।

वहीं इस मामले में आयोग मित्र फिरोजा खान का कहना है कि प्रशासनिक मदद तो उसे नहीं मिल पाई है लेकिन प्रशासन के साथ ही समाजसेवियों को इसकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।

वही मानव अधिकार आयोग में भी उसकी बात को रखेंगे, जितना हो सकेगा मदद दिलाने की कोशिश भी करेंगे। बता दें कि पिछले साल हुए खैरी पटाखा फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट से 27 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

विस्फोट में फैक्ट्री में काम कर रही सोनिया कटियार गंभीर घायल हो गई थीं। जिसका इलाज पहले बालाघाट के एक निजी हॉस्पिटल में चलने के बाद भिलाई में इलाज हुआ था।

सोनिया को मुआवजे के नाम पर बस शासन द्वारा 50 हजार रुपये दिए गए थे। जबकि उस घटना के बाद कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित मुवावजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही थी।

रिपोर्ट: रितेश सोनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *