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विदिशा में सरकारी अस्पताल में पत्रकार के साथ मारपीट की कोशिश, डॉक्टर पर आरोप

विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सरकारी अस्पताल में कवरेज के लिए गए एक पत्रकार के साथ मारपीट की कोशिश का मामला सामने आया है। जिसके बाद राजनीति गलियों से लेकर अफसरों तक में हड़कंप मच गया है। दरअसल, विदिशा के शासकीय अटल बिहारी वाजपेई जिला चिकित्सालय में डॉक्टर पर पत्रकार से मारपीट करने की कोशिश और अभद्र व्यवहार का आरोप लगा है। हालांकि डॉक्टर को जब पता लगा कि ये मीडियाकर्मी है तो डॉक्टर फरार हो गया।

मामला अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों को कच्चे भोजन देने का था। इसकी सूचना पर मीडियाकर्मी अस्पताल में पहुंचे थे। अस्पताल के अंदर डॉ. राकेश अहिरवार खड़े हुए थे। वह कैमरामैन और उनके मित्र को पत्रकार नहीं बल्कि परिजन या मरीज समझ बैठे। आरोप है कि डॉक्टर ने उनसे तैश में आकर कहा कि यहां कैसे खड़े हो बाहर जाओ। बात पूरी नहीं हुई और तुरंत ही डॉ. राकेश अहिरवार ने अपने कमर से बेल्ट खोलकर कैमरामैन को मारने की कोशिश की लेकिन जैसे ही कैमरामैन के मित्र ने वीडियो बनाना शुरू किया तब डॉक्टर की समझ में आया कि यह पत्रकार लोग हैं।

वह फौरन अपने चेंबर में भाग गया। इस बात से यह स्पष्ट हो चुका है कि विदिशा जिला अस्पताल में मरीजों के साथ आए दिन डॉक्टर और नर्स के व्यवहार की स्थितियां क्या होंगी। यह वीडियो तुरंत जिला कलेक्टर व अन्य लोगों को भेजा गया। कलेक्टर ने अपने व्हाट्सएप नंबर से जिला संवाददाता को विल टेक एक्शन की बात कही। वहीं सत्ता से जुड़े नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश टंडन ने कहा कि डॉक्टर को इस प्रकार का कृत्य नहीं करना चाहिए, चाहे व्यक्ति कितना ही सामान्य हो या फिर पत्रकार हो इस पर एक्शन लिया जाएगा। उनके द्वारा कलेक्टर को फोन कर दिया है इस संबंध में स्थानीय विदिशा विधायक शशांक भार्गव भी इस कांड की निंदा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि भाजपा के गुंडों ने मेरे साथ भी ऐसा ही किया था। जब सत्ता में बैठने पर उनके कारिंदे ऐसे ही कर रहे हैं, फिर कर्मचारी तो ऐसा व्यवहार करेंगे ही। इस वीडियो को जब जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी याने सीएमएचओ को दिखाया गया तो वह भी एक्शन लेने की बात कह रहे हैं।
रिपोर्ट: ओम प्रकाश जोशी

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