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सीएम साहब देखिए! लाखों का जनरेटर हो गया कबाड़, झाड़ियों के आगोश में समाया

उचेहरा। जनपद में विकास कार्य बाधित हैं। सरपंच इन पांच वर्षों में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सरपंच संघ का कहना है कर्मचारी राज हावी होने की वजह से चुने हुए प्रतिनिधियों की कोई वकत नहीं रही है। जिसकी वजह से दर्जनों जन हितैसी कार्य प्रभावित हुए हैं। घटिया निर्माण को बढ़ावा मिला है, जनपद में पदस्त आला अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिकांश सरपंचों का कहना है कि जनपद में बिना दाम भुगतान नहीं होने की बात कई बार उठाई गई, लेकिन व्यवास्था में सुधार नहीं हुआ, बल्कि और बढ़ावा मिलने की बात बताई जा रही है। जनपद कार्यालय में हितग्राही पंचायत भवन की अपेक्षा ज्यादा भटक रहे हैं। ई भुगतान पंचायत भवन की जगह ई दुकानों के संचालकों के माध्यम से हो रहा है। राशन समेत विभन्न समस्याएं जो ग्राम पंचायत में हल होनी चाहिए उनके समाधान के लिए प्राइवेट दुकानों में ऐसे कार्य करवाने पड़ रहे हैं। जिसकी वजह से ग्रामीण ठगे जा रहे हैं।

गाड़ी के लिए डीजल, जनरेटर के लिए नहीं
दो साल से जनपद कार्यालय का बुरा हाल है। चारों तरफ झाड़ी उग गई हैं, इन झाड़ियों के आगोश में लगभग 5 लाख रुपये की कीमत का जनरेटर बिना चले ही कबाड़ में तब्दील हो चुका है। जनपद में पदस्त जितने भी सीईओ सतना से आना जाना करते हैं। हर रोज शासन के हजारों रुपये डीजल में व्यय होता हैं, लेकिन 500 रुपये का डीजल डाल कर जनरेटर चालू करने के बजट का अभाव का हवाला दिया जाता है। जिसकी वजह से शासकीय कार्यबाधित होता है। हितग्राहियों समेत विभिन्न शासकीय कार्य बाहर से करवाने पड़ते हैं।

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मनरेगा मद का दुरुपयोग
जनपद में वर्तमान में जितने भी कार्य हो रहे हैं। उनमें मनरेगा मद से काम का हो रहा है। जनपद कार्यालय में लगभग पांट लाख की लागत से जनरेटर लाया गया, लेकिन वह बिना चले ही खराब होने के साथ झाड़ियों में समा गया है। जबकि बढ़ते पलायन को रोकने की नेक नियति से मनरेगा मद से गांव में काम होते है, लेकिन सरेआम इस योजना के मद का दुरुपयोग हो रहा है। बजट के अभाव में दर्जनों का भुगतान रुका हुआ है। जिसके चलते सरपंच सचिव निज खर्च कर फंसे हुए हैं।
इनका कहना है

हमको छोटे-छोटे काम के लिए जनपद आना पड़ता है, जबकि यह काम पंचायत में ही हो जाना चाहिए, लेकिन भटकना पड़ता है। दुकानदार हम गरीबों को लूटते हैं- भगवत पांडेय, ग्रामीण
हमारा राशन मिलना बंद हो गया है जिसके लिए जनपद आना पड़ा, लेकिन यहां बैठे ऑपरेटर ने कहा लाइट गुल है तो कभी कहता है लोड नहीं है। इसलिए हमारा काम नहीं हो रहा है– संजीव कुमार बुनकर, धनेह
मनरेगा मद से जनरेटर आया था, लेकिन अब बजट नहीं होने की वजह से जनरेटर खराब पड़ा हुआ है– अनिल तिवारी सीईओ
रिपोर्ट: रूप कुमार हरबोल सिंह

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