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मध्य प्रदेश स्पेशल न्यूज़

तस्वीरें: आतंकियों ने निर्माणाधीन भवन में मजूदरों को बनाया बंधक, सुरक्षाबलों ने ऐसे पकड़ा

विदिशा। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में शुक्रवार को मॉक ड्रिल अभ्यास कराया गया। नई कलेक्ट्रेट कमपोजिट भवन के सामने निर्माणाधीन भवन में कुछ संदिग्ध आतंकियों ने मजदूरों को बंधक बना लिया था। आतंकियों का पास ही रेलवे ट्रैक पर बड़ी घटना करने का उद्देश्य था। इस तरह की सूचना पुलिस अधीक्षक को मिली । सूचना पर एसपी द्वारा कंट्रोल रूम को अवगत कराया। अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया। साथ ही एंबुलेंस, फायर बिग्रेड तत्काल मौके पर पहुंची, शहर के चारों तरफ के रास्तों की नाकेबंदी कर दी गई। सीसीटीवी सर्विलेंस को एक्टिव कराया गया।

आतंकियों पर हथियार भी हो सकते हैं, ऐसे में उन्हें पकड़ने के लिए तुरंत शहर के सभी पुलिस अधिकारियों, कोतवाली, सिविल लाइन से बल और पुलिस लाइन का बल तत्काल निर्माणाधीन भवन के पास बुलाया गया। इनके अलावा एफएसएल की टीम और डॉग स्कॉट मौके पर पहुंची। 20 मिनट के अंदर पुलिस लाइन का रिजर्व बल रक्षित निरीक्षक अरविंद सिंह सिकरवार के नेतृत्व में अश्रु गैस, धुआं बम, आर्म्स एम्युनेशन के साथ बज्र वाहन से सुसज्जित होकर एवं थाना कोतवाली का बल निरीक्षक जयपाल इनबाती के नेतृत्व में पहुंचा। रक्षित निरीक्षक अरविंद सिंह सिकरवार ने समस्त बल को ब्रीफकर भवन के चारों ओर लगाने के निर्देश दिए।

भवन निर्माणाधीन था उसमें अभी मजदूरों द्वारा काम किया जा रहा था, सबसे पहली प्राथमिकता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना। उसके बाद बदमाशों को ट्रेस कर उन पर कार्रवाई करना था। सबसे पहले टियर गैस और धुआं बम का उपयोग किया गया। जैसे ही टीयर गैस और धुआं बम छोड़े गए तो आतंकियों में अफरा-तफरी मच गई और वो भागने लगे। तभी मौके पर पहुंचकर थाना प्रभारी कोतवाली जयपाल इनबाती की टीम और रक्षित निरीक्षक अरविंद सिंह सिकरवार की टीम ने पांच आतंकियों को पकड़ लिया। साथ ही उनसे आर्म्स एम्युनिशन और गोला-बारूद जब्त कर लिया।

मॉकड्रिल की पूरी घटना का मॉनिटरिंग पुलिस अधीक्षक विनायक वर्मा कर रहे थे । पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी टीम के सदस्यों को शुभकामनाएं और बधाई दी। मात्र 20 मिनट के रिस्पांस टाइम में मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आतंकी घटनाएं, गैंगवार की घटनाएं, अपहरण, लूट, डकैती, आगामी त्योहारों को मद्देनजर नजर रखते हुए और अचानक आई आपदा संकट से निपटने के लिए हमेशा पुलिस फोर्स को मुस्तैद करना होता है।
रिपोर्ट: ओम प्रकाश जोशी

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