मध्य प्रदेश राजनीति

मध्य प्रदेश में छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत, जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नहीं देनी होगी फीस

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने छात्र-छात्राओं को राहत दी है। अब अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजातियों के छात्र-छात्राओं को अब जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी।

साथ ही इन्हें बनवाने के लिए छात्र-छात्राओं को अब भटकना भी नहीं पड़ेगा। सरकार ने सूबे में 12 जुलाई से मैन्युअली जाति प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करने की मुहिम शुरू कर दी है।

इसके तहत निजी और सरकारी स्कूल-कॉलेज भी लोकसेवा केंद्रों के जरिए जाति प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन कराएगा। सरकार की इस नई सुविधा से प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं को फायदा होगा।

इस पूरे मामले में भोपाल की एडीएम दिशा नागवंशी ने बैठक की और जिले के सभी स्कूल और कॉलेज संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे छात्रों की सूची तैयार करें, जिनके ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र नहीं हैं।

एडीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रमाण पत्रों के साथ आधार और अन्य दस्तावेज लें ले ताकि डिजीटल जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन आसानी से भरा जा सके। आपको बता दें कि ऑनलाइन जातिप्रमाण पत्र की जिम्मेदारी आदिम जाति कल्याण विभाग को सौंपी है।

एडीएम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एक से दूसरे जिले में पढ़ाई के लिए आए छात्र-छात्राएं उसी जिले में लोकसेवा केंद्रों के माध्यम से अपना जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन करवा सकते हैं।

यह सुविधा भोपाल में चारों लोक सेवा केंद्रों में है। संबंधित जिले को लोक सेवा केंद्र के जरिए आवेदन ऑनलाइन भेजा जाएगा। वहां से प्रमाणित होने पर भोपाल के केंद्र से ही उसकी डिजीटल प्रति निकालकर दे दी जाएगी।

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