shivraj singh
मध्य प्रदेश

इस तारीख को शिवराज के मंत्रिमंडल का विस्तार, CM आज या कल को दिल्ली पहुंचेंगे!

भोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान दो के दक्षिण भारत की निजी धार्मिक यात्रा से वापस लौट आए है। उनके राजधानी भोपाल लौटने के बाद से ही दोबारा मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि यह तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज शनिवार या रविवार को सुबह दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से मिलने का समय मांगा है।

सियासी गलियारों में ये भी चर्चा हो रही है कि अगर केंद्रीय नेतृत्व से टाइम मिलने के बाद अगर रविवार को दिल्ली जाते हैं. तो पूरी उम्मीद है कि आने वाली 30 तारीख को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन की तबीयत खराब होने के चलते छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया ऊइके को मध्यप्रदेश का प्रभार दिया जा सकता है। इसके साथ ही सीएम शिवराज ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन मंत्री सुहास भगत के साथ मिलकर मंत्रिमंडल में भाजपा विधायक और कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़कर आएं ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम तय कर लिए हैं।

बताया जा रहा है कि जाति, क्षेत्र और सामाजिक संतुलन के साथ पार्टी में ऐसे वरिष्ठ विधायकों को भी तवज्जों दी गई हैं, जो पिछली सरकार में मंत्री बनने का मौका नहीं मिल पाया था। इसी के बाद पार्टी की मुश्किल बढ़ गई है। पार्टी चाहती है कि मौजूदा 5 मंत्रियों को मिलाकर मंत्रिमंडल इतना बढ़ा हो कि- 4 से 5 स्थान रिक्त रहें। यानी साफ है कि अब 24 से 25 लोगों को ही शिवराज की मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है।

वहीं, सिंधिया समर्थकों के 11 नेताओं (गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट के बाद अब 9 मंत्री और बन सकते हैं) को मंत्रिमंडल में लेने के बाद 18 से 19 पद भाजपा को मिलेंगे। कांग्रेस के बागियों में प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिसोदिया, राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, हरदीप सिंह डंग का नाम है। भाजपा के दो मंत्री बन चुके हैं। लिहाजा, 15 से 16 चेहरे भाजपा से तय करने हैं। विंध्य, बुंदेलखंड और भोपाल संभाग से पार्टी पर दबाव है। ऐसे में कुछ पुराने चेहरे ड्रॉप हो सकते हैं।

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सूत्रों का कहना है कि- मंत्रिमंडल विस्तार में बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल में नजरअंदाज कर दिया गया है.हालांकि, बसपा से निलंबित विधायक रमाबाई कई मौकों पर भाजपा नेताओं द्वारा मंत्री बनाए जाने किए गए वादे का जिक्र कर चुकी हैं। इधर, ये भी कहा जा रहा है कि इन विधायकों निगम-मंडलों की कमान सौंपी जा सकती है।

रिपोर्ट:तंजीम राना

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