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कोराना काल में अपना घर NGO ने गरीब बच्चों को मास्क और सेनेटाइजर बांटे

हरिद्वार। पिछले एक वर्ष पहले बना एनजीओ लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुका हैं. गौरतलब है कि- पिछले साल से गरीब बच्चों की निशुल्क शिक्षा, खानपान, से लेकर सफाई अभियान व सामाजिक सुरक्षा को लेकर काम कर रहा है। आज भी अपना घर एनजीओ की और से टिबड़ी रेलवे फाटक के पास व भगतसिंह चौक के समीप नेहरू युवा केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को कोरोना महामारी से बचाव के लिए बहुत सी ऐसी बातें बताई गई जिससे वह अपनी सुरक्षा कर सके व साथ ही बच्चों को सेनेटाइजर व मास्क वितरण किये गए।

अपना घर एनजीओ के साथ रोजाना नए-नए लोगों की लंबी चैन बनती जा रही है. लोग एनजीओ के कार्य से प्रभावित होकर इसमे जुड़ते जा रहे हैं। और जरूरतमंद बच्चों के लिए अपना योगदान बढ़-चढ़कर दे रहे हैं. ऐसे में सार्थक और स्वाति ने अपने इवान बेटे के प्रथम जन्मदिन पर सभी अपना घर के जरूरतमंद बच्चों को सैनिटाइजर मास्क व उन तक खाने की जरूरतमंद सामग्री को पहुंचाया, जिसकी उन्हें जरूरत है और सब को बताया गया कि ऐसे ही छोटी-छोटी खुशियों पर गरीब लोगों के काम आना चाहिए यहीं दुनिया की सबसे बड़ी खुशी व पुण्य का कार्य है।

अपना घर टीम के सदस्य हर्षित मिश्रा ने बताया कि इस संकट भरी घड़ी में हम सबको एक साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा साथ खड़े रहना चाहिए और उन तक जिस भी चीज की कमी हो उनको अवश्य पहुंचाना चाहिए और हमे देश के जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाना चाहिए हर्षित मिश्रा का मानना है कि सभी बच्चों को हमें थोड़े-थोड़े समय बाद ज्ञात कराना चाहिए की करोना महामारी से हमें कैसे बचना है और निरंतर भाव से हमें सेवा करनी चाहिए क्योंकि सेवा करने के तीन ही रास्ते होते हैं तन-मन-धन और हम सबको बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सेदारी करनी चाहिए। लोक सेवा से समाज में जहां अपना स्वार्थ सिद्ध होता है, वहीं समाज में प्रधानता प्राप्त होती है वस्तुतः सेवा निःस्वार्थ भाव से होनी चाहिए। जो व्यक्ति निःस्वार्थ भाव से दुखियों की सेवा करता है, वह लोकप्रिय बन जाता है चिकित्सा के क्षेत्र में होकर गरीबों की मुफ्त चिकित्सा भी एक सेवा भाव है समाज के रक्षक के रूप में मदद करना हमारा कर्तव्य है।

अमीषा भाटिया ने बातचीत में कहा कि हमारी ज़िम्मेदारी है गरीबो को ज़रूरत का समान मुहैया कराना है व उनको वायरस से बचने के लिए जागरूक करना है। और उनकी ज़िम्मेदारी है अपनी सुरक्षा का स्वयं भी पूरा ध्यान रखना हमे ध्यान रखना होगा कि लोगो से मिलते वक़्त दुरी बनाये रखे। 30 मिनट प्रतिदिन कसरत करनी चाहिए। खासी या जुखाम आदि होते ही डॉक्टर तुरंत डॉक्टर से बातचीत करनी चाहिए।

साहिल भारद्वाज ने बताया कि गरीब लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए उसके नियमों का पालन करना अति आवश्यक है पर उनके जीवन में पैसों की कमी होने के कारण बहुत से गरीब लोग मर जाते हैं क्योंकि उनके पास अपने आप के बचाव के लिए मास्क खरीदने तक के पैसे नहीं होते। इसलिए हर इंसान को गरीबों के लिए सोचना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए जिससे वह करोना वायरस संकट में भी बच सकें और हर एनजीओ जो भी समाज के लिए कार्य करती है सबको ऐसे लोगों को बताना चाहिए जिनको पूरी तरह से करोना वायरस के बारे में नहीं पता होता जिससे वे अपने आप को हमेशा के लिए सुरक्षित रख सके।

जसप्रीत सिंह के अनुसार समाज के सेवकों का यह कर्तव्य है कि वे सच्चे दिल से समाज की सेवा करें सच्चे हृदय से की गयी समाज सेवा ही इस देश व इस पूरे संसार व समाज का कल्याण कर सकती है। जिस तरह हर व्‍यक्ति निस्‍वार्थ भाव से अपने परिवार की तन, मन, धन से समर्पित होकर पूर्ण रूप जिम्‍मेदारी/दायित्‍व उठाते हुए सेवा करता है। रितिक कुमार का कहना है कि मनुष्य एक सामाजिक जीव है। समाज ही उसका कर्मक्षेत्र है। अतः उसे स्वयं को समाज के लिए उपयोगी बनाना पड़ता है। वास्तव में परोपकार और सहानुभूति पर ही समाज स्थापित है सब अपने-अपने स्वार्थ का थोड़ा-बहुत त्याग करके समाज की सेवा करते रहिए।

रिपोर्ट- हर्ष सैनी

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