Narayan Tripathi
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विधायक नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में आते ही बगावत, कांग्रेसी नेता खुलकर सामने आए

सतना। भारतीय जनता पार्टी के मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी को कांग्रेस में शामिल किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं की नाराजगी चरम पर है। मैहर के सभी कांग्रेसी नेता खुलकर बगावत पर उतर आए हैं। यहीं नहीं दलबदलू स्वभाव के नारायण त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें अगर कांग्रेस में आना है तो भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस की सदस्यता लें। कांग्रेसियों ने चेतावनी देते हुए पत्रकार वार्ता में कहा कि स्थानी कार्यकर्ता को यह मंजूर नहीं, पार्टी को अपना फैसला बदलना होगा।
कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा
कांग्रेस के नेता विधानसभा चुनाव प्रत्याशी श्रीकांत चतुर्वेदी, धर्मेश घई, श्रीनिवास उरमालिया और अन्य नेताओं ने सामूहिक रूप से मैहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर विरोध जताया है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि नारायण त्रिपाठी को कांग्रेस में ना लिया जाए, पार्टी में जरूरत नहीं है। साथ ही आरोप लगाते हुए कहा है कि नारायण त्रिपाठी का दल बदलू स्वभाव के हैं, इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा रहा है। कार्यकर्ता हर बार मेहनत करके अपना विधायक बनाता है, लेकिन नारायण त्रिपाठी अपनी निजी स्वार्थ के लिए पार्टी बदल देते हैं। जिसे मैहर की जनता और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को यह फैसला कबूल नहीं है। यही नहीं गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि नारायण त्रिपाठी अपने अवैध कामों को अंजाम देने के लिए सत्ता पक्ष में शामिल हो जाते हैं।

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राहुल गुट घर वापसी से नाराज
चार बार के विधायक नारायण त्रिपाठी 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे, जिसके चलते सतना लोकसभा सीट से पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल चुनाव हार गए थे। यही वजह है कि नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में दोबारा शामिल होने से अजय सिंह राहुल खेमे में खासा नाराजगी देखी जा रही है। वहीं मैहर कांग्रेस में त्रिपाठी के भाजपा में जाने से अन्य नेताओं को मौका मिला था, लेकिन विधायक नारायण त्रिपाठी के पार्टी में फिर से वापसी के चलते कांग्रेस के अन्य नेताओं का अस्तित्व समाप्त न हो जाए, यह वजह भी विद्रोह का बहुत बड़ा कारण है। इस बार का उप चुनाव दिलचस्प होगा।
रिपोर्ट: रूप कुमार हरबोल सिंह

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