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यहां दो माह पहले गिरा पेड़, आंधी- तूफान में खड़ा हो गया… तो लोगों ने खोला ये राज!

विदिशा। मंगलवार को दो महीने पहले आधी- तूफान की वजह से जमींदोज पेड़ अचानक खड़ा होने का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में लोगों के बीच हड़कंप मच गया. लोगों का मानना है कि ये चमत्कार हुआ है. इस पेड़ की लोग पूजा- अर्चना और परिक्रमा कर रहे है. छपारा के सरपंच गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि- छपारा में स्थित श्री माता रानी दरबार के परिसर में प्राचीन पीपल का पेड़ खड़ा हुआ था।

दरअसल, जो कि 2 माह पहले तेज आंधी- तूफान की चपेट मे आकर धराशाई हो गया था। जिससे देव स्थल की बाउंड्री वाल क्षतिग्रस्त हो गई थ, लेकिन आसपास के मकान सुरक्षित बच गए थे। साथ ही गांव के लोगों ने बताया कि- धराशाई पीपल की शाखाओं हो काट दिया था। केवल पेड़ का तना ही बाकी बचा था।

तेज आवाज़ के साथ खड़ा हुआ पेड़

वहां पर मौके पर मौजूद वाहिद खान बताते हैं कि- मंगलवार की सुबह 6:30 बजे तेज आवाज के साथ कुछ सेकंडो में पीपल का तना खड़ा हो गया, जिसकी जड़ें जमीन में दोबारा से जम गई. वहीं दूसरी ओर, मंदिर के समीप बीड़ी बना रही एक मुस्लिम महिला ने भी बताया कि – देवस्थल के पास कुछ सेकंड के लिए तेज हवा चली और देखते ही देखते पीपल का पेड़ अचानक खड़ा हो गया। इतना ही नहीं बाद में हवा बंद हो भी गई. इसके बाद में गांव के लोग देकर भौंचक रह गए है.

लोगों का मानना है कि- पीपल के नीचे विराजी हैं देवी मां
मूरत सिंह विश्वकर्मा, सुरवेंद्र सिंह ठाकुर और कल्याण सिंह ठाकुर ने कहा कि- प्राचीन पीपल के नीचे जगत जननी मां बिजासन और भगवान शिव शंकर का शिवलिंग विराजमान है। पेड़ धराशाई हो जाने के बावजूद भी सुरक्षित थे। श्रद्धालुओं का मानना है कि दैविक चमत्कार से ही पीपल का पेड़ पुनः खड़ा हुआ है और अब वह पेड़ हरा भरा होगा ऐसा लोगों का मानना है।

रिपोर्ट -ओमप्रकाश जोशी

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