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कांग्रेस नेता सचिन चौधरी को इलाहाबाद कोर्ट ने सोशिल मीडिया से दूर रहने पर दी जमानत, सुप्रीम कोर्ट जारी करेगा दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अमरोहा के कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि – वह जमानत के दौरान आरोपी के सोशल मीडिया से दूरी बनाने के मामले मेंदिशा-निर्देश जारी करेगा। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे सचिन चौधरी को जमानत देते वक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से दूरी रखने की शर्त लगाई है।बाद में कांग्रेस चौधरी ने इस मामलें सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

सीजेआई एसए बोबडे की पीठ ने कांग्रेस नेता की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा, वह इस मामले में दिशा-निर्देश बनाएगी। इससे साथ ही सवैंधानिक पीठ ने चौधरी के वकील सलमान खुर्शीद से कहा, हमें हाईकोर्ट के फैसले में कुछ गलत नहीं दिखाई देता। अगर सोशल मीडिया के इस्तेमाल से किसी नुकसान पहुंचाने की आशंका है तो अदालत क्यों नहीं ऐसा आदेश पारित कर सकती? इस पर खुर्शीद ने कहा, उनके मुवक्किल पर सोशल मीडिया के दुरुपयोग का आरोप नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि वह इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगी।

इतना ही नहीं चौधरी को लॉकडाउन के दौरान केंद्र व योगी सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के देने के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. चौधरी पर देशद्रोह के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें ट्रायल पूरा होने तक सोशल मीडिया से दूरी बनाने की शर्त पर जमानत दे दी थी। सचिन ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से दूरी 18 महीने के लिए या ट्रायल खत्म होने तक जो भी कम हो तय कर दी थी। सचिन ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका देकर आदेश को गैरकानूनी और असांविधानक बताया था। उसकी दलील है कि यह संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन है।

रिपोर्ट- तंजीम राना

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