MBBS student Suicide Case
INDIA NEWS उत्तर प्रदेश

मरने से पहले MBBS छात्रा ने लिखा, ‘जब तुम आओ और मैं कमरे में मरी मिलूं’, तो क्या…

कानपुर। बैराज से गंगा में कूदकर जान देने वाली एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह का सुसाइड नोट सामने आने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अंतिम वर्ष की छात्रा अमृता वर्मा ने अपने सुसाइड नोट में दर्द और तनाव का जिक्र किया है। एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह ने नोट में लिखा कि मुझे माफ करना मैं बहुत कमजोर हो गई हूं। पता नहीं कैसे लेकिन मुझे अपने डर से ही डर लगने लगा है, मेरे पास सबकुछ है दर्द, डर और तनाव। अब इस दर्द को रोज-रोज बर्दाश्त नहीं कर सकती हूं। उसने लास्ट में लिखा कि मैं सभी से माफी मांगती हूं। मैं बहादुर नहीं बन पाई। एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह ने अपने साढ़े चार पेज के सुसाइड नोट में यह बातें लिखी थीं।

सुसाइड नोट में अमृता ने आगे लिखा कि वह रोना चाहती है, मरना चाहती है। मैं मम्मी-पापा से माफी मांगती हूं। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन शायद इससे ज्यादा नहीं कर पाऊंगी। आपकी बेटी बहुत कमजोर पड़ गई है। आई लव यू मम्मी-पापा। वहीं एमबीबीएस छात्रा अमृता सिंह ने इससे पहले अपनी रूम पार्टनर अनुषी से कहा था कि कभी ऐसा हो कि जब तुम आओ और मैं कमरे में मरी मिलूं… तो क्या करोगी’?।

यह पढ़ें: रात में भतीजे के साथ आपत्तिजनक हालत में थी बेटी, आ गया बाप और भाई, फिर….

इस पर अनुषी ने समझाया। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अमृता मौत को गले लगा लेगी। स्वरूप नगर थाने के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पांडेय ने जब अनुषी से पूछताछ की तो उसने बताया कि अमृता की यह बात सुनकर वह काफी डर गई थी। तब उसने कहा था कि ऐसी बातें नहीं किया करते। पूछताछ में अनुषी ने बताया कि अमृता को मिंटॉस (टॉफी) खाने की आदत थी। गुरुवार को जब वह हॉस्टल से जा रही थी तो उसने पूछा कि कहां जा रही है, इस पर उसने कहा कि मिंटॉस खत्म हो गई है, लेने जा रही हूं। वहीं, दूसरे साथी छात्र-छात्राओं से भी इंस्पेक्टर ने पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि अमृता पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। शायद परीक्षा की वजह से तनाव में थी।

रिपोर्ट: अमित सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *