Kanpur Murder Case
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क्रूरता: मासूम से दरिंदों ने कुकर्म किया, आंख में कील ठोकी फिर प्राइवेट पार्ट में डाला डंडा, CO बोले-ऐसी जघन्यता नहीं देखी




कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले (UP Kanpur) में 8 फरवरी को मासूम बच्चे की कुकर्म के बाद बेरहमी से हत्या (Murder of innocent dalit child) करने वाले तीन दरिंदों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस के सामने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।




कानपुर के नर्वल थाना इलाके में सात फरवरी को दस वर्षीय मासूम बच्चे की कुकर्म के बाद बेरहमी से हत्या (Kanpur Murder Case) करने का मामला सामने आया था। आरोपियों ने दरिंदगी की सभी हदें पार कर दीं थीं। मासूम बच्चे की एक आंख निकाल दी थी, जबकि दूसरी आंख में कील ठोक दी थी। आरोपियों ने बच्चे की गर्दन पर जूता रखकर कुचला था। बच्चे की हत्या के बाद शव को आरोपियों काफी दूर तक घसीटा भी था।

जिस समय पुलिसकर्मियों ने बच्चे के शव को देखा तो उनका भी दिल कांप उठा था। आरोपियों ने बच्चे के चेहरे को सिगरेट से जलाया भी था। क्रूरता देखकर हर किसी का कलेजा फट पड़ा था। आरोपियों ने मासूम के प्राइवेट पार्ट में डंडा भी डाल दिया था।

एडिशनल एसपी कानपुर आदित्य शुक्ला के अनुसार, पुलिस ने बच्चे की हत्या के आरोप में उसी के गांव के बिल्ली, चंदन और बबलू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ फोरेंसिक सबूत मिले हैं। आरोपियों ने पहले मासूम बच्चे के साथ कुकर्म किया था, इसके बाद एक आंख निकाली और दूसरी में कील ठोक दी थी। फिर आरोपियों ने प्राइवेट पार्ट में डंडा भी डाला था। सीएम नर्वल राजेश यादव का कहना है कि मेरी 26 साल की नौकरी हो गई है, ऐसी जघन्य घटना उन्होंने कभी नहीं देखी।

बताया जा रहा है कि इस जघन्य वारदात की साजिश आरोपी बिल्ली ने रची थी। सोमवार को वह चंदन के साथ खेत पर कुछ काम कर रहा था। इसी दौरान वहां पर बबलू भी पहुंच गया था। आरोपियों ने बताया कि उसी समय मासूम बच्चा वहां टायर चलाता हुआ दिखाई दिया। इस पर आरोपी बिल्ली और चंदन दौड़कर मासूम को खेत में उठा लाए। इसके बाद आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर मासूम के साथ कुकर्म किया।

वहीं, मामले में तीसरे आरोपी बबलू का कहना है कि मैंने कुछ नहीं किया, इन दोनों ही यह जघन्य वारदात की। मुख्य आरोपी बिल्ली ने हंसते हुए पुलिस के सामने बयान दिया कि बच्चा कह रहा था छोड़ दो छोड़ दो, बहुत मार लिया, लेकिन मुझे इसका कोई अफ़सोस नहीं है।




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